महिला ने 6 साल के बेटे को दर्दनाक तरीके से मारा, आंतें तक बाहर आ गईं

लाश देख हर कोई रोया, दादी बोली काश! आज खुला होता स्कूल तो बच जाती पोते की जान, पूरे मोहल्ले का था लाडला।
बठिंडा (पंजाब) । भाई मतिदास नगर में रविवार सुबह एक महिला ने अपने 6 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। नहाने से मना कर रहे बच्चे पर मां को इतना गुस्सा आया कि उसने बाथरूम के अंदर पहले बच्चे की पिटाई की। वह चीख न पाए इसलिए उसके मुंह में तौलिया ठूंस दिया और फिर किरच (एक प्रकार का नुकीला हथियार) से 24 वार कर उसकी जान ले ली। मासूम की आंतें तक बाहर आ गईं। इसके बाद उसने खुद परिवार को हत्या की जानकारी दी। महिला को अरेस्ट कर लिया गया है। महिला ने खुद बताया- मैंने बेटे को मार दिया…
– बच्चा हरकिरत सिंह उर्फ हैवी शहर के लॉर्ड रामा पब्लिक स्कूल में पहली का छात्र था।
– पंजाब एग्रो इंडस्ट्रियल कारपोरेशन से जिला मैनेजर पद से रिटायर हुए हैवी के दादा गुरचरण सिंह ने बताया, घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे की है। वह और उनका बेटा परमिंदर कार धो रहे थे। उन्हें हैवी को साथ लेकर कहीं घूमने जाना था। बहू राजवीर कौर उसे नहलाने के लिए बाथरूम ले गई, लेकिन वह नहाने से मना करते हुए रो रहा था। कुछ देर बाद अचानक उसके रोने की आवाज बंद हो गई। इसी बीच राजवीर ने खुद आकर बताया कि उसने हैवी का कत्ल कर दिया है।
मुझे मेरे बेटे से मिलवा दो, मैंने नहीं मारा
– वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जब हत्यारोपी मां राजवीर कौर हिरासत में लेकर पूछताछ करनी चाही तो वह जोर-जोर से चिल्लाकर कहने लगी- मेरे बेटे से मिलवा दो, मेरा बेटा ठीक है, मैंने उसे नहीं मारा है।
– हालांकि, प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि राजवीर के चेहरे पर कोई मलाल न था। हत्या की सूचना के बाद पहुंची हैवी की नानी बलवीर कौर पुलिस के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी कि बेटी को छोड़ दो, उसने कुछ नहीं किया है। वह पुलिसकर्मियों के पैर पर चुन्नी रखकर अपनी बेटी की रिहाई की मांग कर रही थी।
– एसपी सिटी गुरमीत सिंह ने बताया, अब महिला यह कह रही है कि वो डिप्रेशन में चली गई थी और खुद को मारना चाहती थी, लेकिन उसका खुद पर नियंत्रण नहीं रहा और उसने बेटे पर किरच से वार कर दिए।
हत्या से एक घंटे पहले बेटे को झूले पर बिठा खिलाया था खाना…
– राजवीर कौर ने एक दिन पहले ही स्कूल का होमवर्क पूरा करवाया था और 2 जुलाई को स्कूल जाने की तैयारी करवा रही थी।
– हत्या से एक घंटा पहले तक हरकिरत मोहल्ले में खेल रहा था। उसकी मां ही उसे खाना खिलाने के लिए घर के अंदर लेकर गई थी। बेटे को झूले पर बिठा खाना खिलाया था।
– परिजनों के अनुसार, पूरे परिवार ने मिलकर नाश्ता किया था। बाद में नहाने के लिए बच्चे की मां उसे कमरे के साथ बने बाथरूम में लेकर गई थी।
– घटना के बाद, चलने में असमर्थ हैवी की दादी अपने कमरे में बैठकर पोते की हत्या के बाद जोर जोर से रो रही थी। बार-बार हैवी को आवाज लगाकर पुकार रही थी। रोते हुए दादी ने कहा- काश! आज स्कूल खुला होता, तो शायद पोते की जान बच जाती।
डिप्रेशन या हाई ब्लड प्रेशर होने पर कोई नहीं कर सकता मर्डर
जिस बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया गया है, यह न तो डिप्रेशन और न ही हाई ब्लड प्रेशर का केस है। क्योंकि कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन या बीपी हाई होने पर ऐसी वारदात को अंजाम नहीं दे सकता है। यदि वह इस तरह की हरकत करता भी है तो एक से ज्यादा वार नहीं कर सकता।
-अरुण बसंल, मनोचिकित्सक, सिविल अस्पताल।
दादा एयरफोर्स से हुए हैं कॉर्पोरल रिटायर्ड
मृतक हैवी के दादा गुरचरण सिंह एयरफोर्स से कॉर्पोरल रिटायर्ड हुए थे। इसके बाद वह पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज में डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के पद पर तैनात रहे। वह अपने छोटे बेटे पाली, पत्नी बलजिंदर कौर, बहू राजवीर व पोते हैवी के साथ भाई मति दास नगर में रहते हैं। 6 महीने पहले ही उसने परमिंदर और राजबीर के नाम पर एक हजार गज का प्लॉट खरीदा था।
घर का इकलौता चिराग था हैवी
पड़ोसियों ने बताया- राजवीर एक पल भी हैवी को दूर नहीं होने देती थी। शादी के बाद 6 साल तक परमिंदर और राजवीर कौर ने कई मंदिर-गुरुद्वारों में मन्नतें मांगी, तब जाकर हैवी पैदा हुआ था। वो घर का इकलौता चिराग था। हरकिरत के पिता परमिंदर सिंह पाली प्राॅपर्टी डीलर है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पाली के दोस्तों ने बताया कि हैवी घूमने की जिद कर रहा था। इसके चलते परमिंदर ने उन्हें शहर में ही घुमा लाने की योजना बनाई थी। उसी वजह से वह हैवी को नहाने का बोलकर खुद बरामदे में कार धोने लगा था।