जिस पंडित ने करवाए थे 7 फेरे, उसी के साथ दुल्हन ने भाग कर की शादी, दूसरी पत्नी के साथ रहेगी

विदिशा/सिरोंज. (मध्य प्रदेश ) सात फेरे करवाने वाले पंडित के साथ भागी दुल्हन सोमवार को अपने प्रेमी पंडित के साथ थाने पहुंचीं। यहां उसने कहा- मैं पंडित के साथ नहीं गई थी बल्कि पंडित मेरे कहने पर मेरे साथ गया था और अब मैं उसके साथ ही रहूंगी। मुझे पता है उनकी शादी हो गई है, लेकिन मैं उनकी पहली पत्नी के साथ रहूंगी।
लटेरी रोड पर स्थित टोरी बागरोद में रहने वाली युवती की 7 मई को शादी हुई थी। 23 मई को वह गांव में ही रहने वाले पंडित विनोद शर्मा साथ चली गई। विनोद ने ही युवती की शादी करवाई थी। शादी के बाद दो दिन तक अपनी ससुराल में रुककर वापस लौट कर आई थी और फिर विनोद के साथ चली गई। 24 मई को परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद से ही पुलिस युवती की तलाश कर रही थी।
पुलिस ने बताया कि 10 दिन बाद सोमवार को युवती क्षमा और उसका प्रेमी विनोद दोनों सिरोंज थाने पहुंचे। दोनों खुद अपने बयान देने के लिए आए थे। पुलिस ने युवती के माता-पिता को बुलाया और उनके सामने ही युवती के बयान लिए। इसके बाद युवती अपनी शादी के दौरान मिली रकम को वापस माता-पिता को सौंप कर विनोद शर्मा के साथ ही वापस लौट गई।
मैं साथ नहीं जाता तो वह जहर खा लेती: पंडित विनोद
पंडित विनोद शर्मा दो बच्चों का पिता है। उसने बताया कि अगर मैं अगर क्षमा के साथ नहीं जाता तो वह जहर खाकर जान दे देती। मैं मजबूरी में उसके साथ गया। वह मेरे साथ रहना चाहती है तो मैं उसे अपने साथ ही रखूंगा। मेरी पत्नी और बच्चे भी मेरे साथ ही रहेंगे। मंडप में क्षमा के सात फेरे करवाने की बात पर विनोद का कहना था वह मेरा काम है।
रकम मां-बाप को वापस लौटाई
मामले की जांच कर रहे एएसआई बादाम सिंह ने बताया कि दोनों ही यहां से पहले दिल्ली रवाना हुए। वहां पर चार दिन रुकने के बाद दो दिन जम्मू गए। जम्मू से भोपाल लौटे और इसके बाद सिरोंज आए। क्षमा अपने साथ सोने और चांदी के जेवर और रकम लेकर गई थी उसे मां-बाप को वापस लौटा दी। मामले में गुमशुदी का प्रकरण दर्ज हुआ था। वह अब खत्म हो जाएगा।
मेरी मर्जी के खिलाफ की थी शादी
युवती का कहना था कि मां-बाप ने मेरी मर्जी के खिलाफ शादी की थी। अगर मेरा कहना मानते तो मैं ऐसा कदम नहीं उठाती। विनोद मुझे लेकर नहीं गया था बल्कि मैं खुद उसको अपने साथ लेकर गई थी। रकम वापस देना थी इस कारण लौट कर आई हूं।
पहले ही बता देती तो शादी नहीं करता
युवती की शादी बासौदा के गांव में रहने वाले युवक से 7 मई को हुई थी। सोमवार को थाने में वह भी मौजूद था। युवक का कहना था कि शादी पक्की होने के बाद मैंने उसे मोबाइल दिलवाया था और हर दिन उससे मेरी बात भी होती थी। लेकिन उसने कभी भी इस बारे में कुछ नहीं कहा। पहले बता देती तो मैं शादी ही नहीं करता। अब मैं खुद उसे अपने साथ नहीं रखना चाहता।