ACP बताकर तलाकशुदा-विधवा महिलाओं को फांसता था मैट्रिमोनिटल वेबसाइट पर

नई दिल्ली : शादी की एक वेबसाइट पर उसने अपना प्रोफाइल बना रखा था। उसने खुद को दिल्ली पुलिस का एसीपी बताया था। वह वेबसाइट पर प्रोफाइल डालने वाली विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को अपने जाल में फांसता था। आईपीएस ऑफिसर बनकर मीठी-मीठी बातें करके शादी का झांसा देकर फिजिकल रिलेशन बनाता था। एक युवती ने 4 जून को मयूर विहार थाने में शादी का झांसा देकर रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया।
एसएचओ मनोज कुमार शर्मा के सुपरविजन में सब-इंस्पेक्टर मनोज तोमर और एएसआई दिनेश त्यागी की टीम ने आरोपी को बुधवार को अरेस्ट कर लिया। उससे दिल्ली पुलिस के एसीपी का फर्जी आई कार्ड, स्टैंप पेपर, लेटर हेड, कई नाम के आधार कार्ड और वोटर कार्ड रिकवर किए। पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड ली है, ताकि यहां पता लग सके उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया है।
आरोपी की पहचान पीयूष प्रिय (27 साल) के रूप में हुई है, जो बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है और न्यू अशोक नगर इलाके में रहता था। खुद को नारकोटिक्स सेल में तैनात दिल्ली पुलिस का एसीपी बताकर लड़कियों से रात भर चैटिंग करता था।
पूछताछ में उसने बताया कि ज्यादातर उसके निशाने पर तलाकशुदा और विधवा युवतियां थीं। मैरिज वेबसाइट से नंबर लेकर रोज नई-नई युवतियों को अपनी बातों में फंसाता था। तहकीकात में कई लड़कियों को झांसा देने की बात सामने आ रही है। मयूर विहार थाने में रेप का मुकदमा दर्ज कराने वाली तलाकशुदा युवती मुंबई की है, जो मेडिकल रिप्रजंटेटिव है।
आरोपी ने दिल्ली में 2016 में लव मैरिज की हुई है। उसकी पत्नी बेगूसराय की है और कॉल सेंटर में जॉब करती है। आरोपी 21 जून को गांव में शादी करने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने पहले ही उसके मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।
पिता बिहार के कटिहार में रहते हैं और रेलवे में टीसी हैं। छोटी बहन बेंगलुरू से एमबीबीएस कर रही है। वह दिल्ली में 2011 से रहा रहा था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के सत्यवती कॉलेज से ग्रैजुएशन करने बाद चार साल तक सिविल सर्विस की तैयारी भी की। लेकिन फेल होने के बाद 2015 में आईएमएस गाजियाबाद से एमबीए किया। लॉरेंस नगर में एक फ्लोर मिल में सेल्फ ऑफिसर का काम कर रहा था।