40 दिन की बेटी का गला काटते भी नहीं कांपे बाप के हाथ, नोट में लिखा चौंकाने वाला सच

दिल्ली के महरौली इलाके में एक साथ चार हत्या की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। लोग घटनास्थल की ओर भागे। सभी उपेंद्र को बुरा-भला कह रहे थे। जगह-जगह समूह बनाकर महिलाएं बस ही हत्याकांड का जिक्र कर रही थी। पड़ोस के लोगों का कहना था कि उपेंद्र उनसे बहुत कम मिलता था। ज्यादातर लोग उसे जानते नही थे। लेकिन उसने जो कि उस पर विश्वास नहीं हो रहा। आखिर ऐसा क्या हो गया था कि 40 दिन बेटी का गला काटते हुए भी आरोपी के हाथ नहीं कांपें।
नई दिल्ली, जेएनएन। देश की राजधानी दिल्ली में पेशे से ट्यूटर की दरिंदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महरौली इलाके में एक ट्यूटर ने अपने ही परिवार के सभी लोगों की हत्या कर दी, इसमें उसकी पत्नी और तीन बच्चे शामिल थे। आरोपित पति का नाम उपेंद्र शुक्ला (42) है, जो ट्यूशन पढ़ाता है। उसने शुक्रवार रात को एक-दो बजे के बीच अपनी पत्नी अर्चना शुक्ला और तीनों बच्चों की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। बच्चों की उम्र क्रमश: 6, 5 साल और 2 महीने थी। पुल‍िस ने उसे महरौली से ग‍िरफ्तार कर ल‍िया है।
पत्नी व तीन बच्चों की निर्मम तरीके से कत्ल करने वाले ट्यूटर उपेंद्र शुक्ला वारदात को अंजाम देने के बाद करीब छह घंटे तक चार लाशों के साथ बैठा रहा। उसने पत्‍‌नी की हत्या करीब एक बजे की थी, जबकि सुसाइड नोट 2:18 मिनट पर लिखे हैं। पुलिस का मानना है कि इसी दौरान उसने सभी हत्याओं को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसके चेहरे पर न कोई शिकन दिखी और न ही पछतावा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने एक बजे से आसपास सोते वक्त पहले पत्नी अर्चना पर हमला किया। हमले के दौरान वह छटपटाकर बेड से फर्श पर गिर गई। गला रेते जाने के चलते पूरे कमरे फर्श पर खून फैल गया। इसके बाद एक-एक कर उसने तीनों मासूमों का गला रेत दिया। चारों को मौत के घाट उतारे जाने के बाद उसने सुसाइड नोट लिखा। इस पर रात 2:18 बजे का समय लिखा है। इसी से अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे में उसने चारों की हत्या की है।
पहले खुदकशी फिर हत्या की मिली सूचना
सुबह सात बजे अर्चना की मां ललिता देवी द्वारा कमरे का दरवाजा खटखटाने पर जब अंदर से कोई आहट नहीं मिली तो मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने पहले 7.15 बजे कंट्रोल रूम फोन कर खुदकुशी करने की सूचना दी। इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो फर्श पर खून फैला था। इसके बाद कंट्रोल रूम दोबारा फोन करके हत्या की सूचना ग्राउंड फ्लोर पर किराने की दुकान करने वाले दीपक अग्रवाल ने दी।
आरोपित पति उपेंद्र शुक्ला की मानें तो उसने शुक्रवार रात को एक से दो बजे के चारों लोगों के कत्ल किए। जिस घर में ये चारों कत्ल हुए उस घर में भी सास रहती थी। घटना का पता तब चला जब सुबह उसने देखा कि उपेंद्र दरवाजा नहीं खोल रहा है। इस पर उन्होंने पड़ोसियों को इस बात की जानकारी दी, इसके बाद 100 नंबर पर फोन किया गया। पुलिस पहुंची तो घर के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई। चारों लोगों के शव पर कमरे में पड़े थे।
पुलिस ने हत्यारोपी के पास से एक नोट भी बरामद किया है, जिसमें उसने 2 महीने, 5 साल और 6 साल के बच्चे की हत्या की बात कबूली है। परिवार मूलरूप से बिहार के पूर्वी चंपारण का रहने वाला है।
मृतकों में पत्नी के अलावा, दो बेटियां और एक बेटा है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपित उपेंद्र खुद को डिप्रेशन का मरीज बता रहा है। चारों हत्याओँ में आरोपित उपेंद्र शुक्ला ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का गुजारा करता था।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, दक्षिण दिल्ली (DCP South Delhi vinay kumar) विनय कुमार के मुताबिक, उपेंद्र शुक्ला नेएक नोट में लिखा है कि उसी ने सारी हत्याएं की हैं, लेकिन उसने हत्या की कोई वजह नहीं बताई है। विनय कुमार ने यह भी बताया कि उपेंद्र शुक्ला अपने परिवार के साथ महरौली में रहता और प्राइवेट ट्यूशन के जरिये परिवार चलाता था। पुलिस ने उसके पास से एक चाकू भी बरामद किया है।