कमलनाथ सरकार ने पेश किया अपना पहला बजट, कोई नया कर नहीं लगाया

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने विधानसभा में अपना पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। वित्तमंत्री तरुण भनोत ने विधानसभा में बजट पेश किया। राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में कोई नया कर नहीं लगाया है। गुरुवार और शुक्रवार को इस पर चर्चा की जाएगी।
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट भाषण शुरू करते हुए कहा कि विरासत में मिली खराब वित्तीय स्थिति के बावजूद मात्र छह माह पुरानी सरकार ने राज्य को पटरी पर लाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने 17 दिसंबर 2018 को शपथ ली और इसके बाद लोकसभा चुनाव के लिए वर्ष 2019 के शुरुआती महीनों में आदर्श आचार संहिता भी लागू रही। इसके बावजूद सरकार ने अपने वादों को निभाना शुरू किया। सरकार ने राजस्व जुटाने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रसिद्ध जलेबी, बर्फी, लड्डू, मावा बाटी और नमकीन की ब्रांडिंग की जाएगी। सरकार नई एमएसएमई यूनिट शुरू कर रही है, इसके लिए 17 हजार लोगों को ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। उन्नत खेती के लिए सरकार किसानों को ट्रेनिंग देगी। हमने किसानों के बिजली बिल माफ कर दिए हैं।
इसके पहले बजट भाषण शुरू होने के पूर्व विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा का सत्र शुरू होने की अवधि निर्धारित हो जाने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम एक आदेश के जरिए बढ़ा दिए।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के हिस्से के 2700 करोड़ रूपये कम कर दिए। हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट के साथ ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए। इसके चलते सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने पड़े।