ये है जीनियस कपल, PCS में पति ने किया टॉप, दूसरे नंबर पर आई पत्नी

ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब किसी भर्ती परीक्षा में पति – पत्नी ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया हो. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की ओर से CMO पद के लिए आयोजित परीक्षा में पति- पत्नी ने मेरिट लिस्ट में पहली और दूसरी रैंक हासिल की है. न्यूज एजेंसी ANI को इंटरव्यू देते हुए कपल ने बताया कि “हम शब्दों में नहीं बयां कर सकते हम कितने खुश हैं. हम दोनों ने इस परीक्षा के लिए एक दूसरे को काफी सपोर्ट किया”. आइए जानते हैं उनके बारे में, कैसे पति- पत्नी ने हासिल किया ये मुकाम और सेट किया अनोखा कपल गोल.
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी समूह (CMO) ए और बी के 36 पदों पर भर्ती निकाली थी. जिसके लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू का आयोजन किया गया था. बता दें, 10 जुलाई 2019 को CGPSC की परीक्षा का रिजल्ट आया था.
लिखित परीक्षा में अनुभव ने 300 में 278 अंक और विभा को 268 अंक मिले हैं. वहीं इंटरव्यू में अनुभव को 30 में 20 अंक और विभा को 15 अंक मिले हैं.
बता दें, अनुभव ने कंप्यूटर साइंस में बीई किया है. 2008 से अभी तक वह 20 भर्ती परीक्षाएं दे चुके हैं. इसके साथ ही उनका सेलेक्शन 4 सरकारी नौकरी में भी हुआ, लेकि
इस तरह पति- पत्नी करते थे तैयारी
अनुभव अपनी पत्नी विभा से बेहद प्यार करते हैं. उन्होंने तैयारी में पत्नी की काफी मदद की. अनुभव ने बताया कि 2008 से पीएससी मुख्य दी थी. लेकिन वह इंटरव्यू में शामिल नहीं हो पाए थे. वहीं उनकी पत्नी नौकरी के साथ पीसीएस परीक्षा की तैयारी करती रहीं.
अनुभव ने बताया की नौकरी के दौरान परीक्षा के लिए पढ़ाई पर फोकस बिल्कुल नहीं हो पा रहा था. इसलिए मैंने परीक्षा की बेहतर तैयारी की खातिर नौकरी को छोड़ने का फैसला किया.
उस समय उनकी पत्नी विभा नौकरी करती थीं. ऐसे में उन्हें लोगों से कई तरह की बातें सुनने को मिलती थी. लोग कहते थे- “बीवी काम कर रही है और ये घर में बैठकर पढ़ रहा है”. वह पूरी तरह से लोगों की बातों को इग्नोर कर देते और पूरा फोकस पढ़ाई पर लगाते थे. उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी और परिवार वाले हमेशा मुझे मोटिवेट करते थे.
हालांकि अनुभव नौकरी छोड़कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे वह उनकी पत्नी विभा नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी की. अनुभव ने बताया कि पहले तैयारी के लिए कोचिंग की मदद ली. फिर कुछ समय बाद तैयारी की स्ट्रेटजी में कुछ बदलाव किए.
जिसके बाद हिंदी ग्रंथ अकादमी की किताबों से पढ़ाई शुरू कर दी थी और नोट्स तैयार किए. जिनसे पढ़ाई में काफी मदद की. इसी के साथ तैयारी के लिए कई ऑनलाइन वीडियो की मदद ली और पिछले कई सालों के पेपर के पैटर्न समझे और उनसे तैयारी की.
अनुभव ने बताया- “विभा 5 बजे उठती थी और रोज सुबह 7 बजे ऑफिस जाने के लिए निकलती थी. मैं घर पर नोट्स तैयार करता था. फिर शाम को विभा के ऑफिसर से घर आने के बाद दोनों मिलकर पढ़ते थे.