सीरिया में छोटी बहन की जान बचाने के लिए बड़ी ने दे दी कुर्बानी, बन गई हीरो

रुस के हमले से सीरिया के तमाम रिहायशी इलाकों का बुरा हाल है। इन हमलों से रिहायशी इलाके की इमारतों में रह रहे बच्चे, महिलाएं और अन्य की मौत हो रही है। पिछले 10 दिनों में उत्तर-पश्चिम सीरिया के अस्पतालों, स्कूलों, बाजारों और बेकरियों पर हवाई हमलों में 26 बच्चों सहित 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार को भी इसी तरह के एक हमले में एक पांच साल की बच्ची अपनी 7 माह की छोटी बहन की जान बचाने के चक्कर में हादसे का शिकार हो गई और उसकी मौत हो गई। 7 माह की छोटी बहन हमले में गंभीर रुप से घायल हो गई थी, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहां पर उसका इलाज चल रहा है।
रुस के हमले के बाद सीरिया सिविल डिफेंस के स्वंयसेवकों ने यहां पर बचाव कार्य शुरु किया। जब रुस ने हमला किया उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे। बम गिरते ही इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह से डैमेज हो गया, मरने वाली लड़की का नाम रिहाम अल-अब्दुल्ला था। छोटी बहन का नाम तुक्का है।
बम से हमला करने की सूचना मिलने के बाद बचाव और राहत की टीम मौके पर पहुंच गई, कुछ लोग मौका ए वारदात पर फोटो भी खींच रहे थे, इसी दौरान एक पांच साल की बच्ची रिहाम ने अपनी छोटी बहन तुक्का को पकड़ रखा था वो बम से क्षतिग्रस्त हुए हिस्से में कुछ चीजों को पकड़कर लटकी हुई थी, मलबे में उसकी छोटी बहन फंसी थी, अपनी बहन को उसने बचा लिया और गंभीर रुप से घायल हो गई।
इस सीन को सभी देख रहे थे। कुछ लोगों ने इसकी फोटो भी खींची और वायरल किया। घायल रिहाम को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रुस के इस हमले में उसकी मॉ और एक अन्य बहन की मौत हो गई। रिहाम की छोटी बहन तुक्का का अस्पताल में इलाज चल रहा है वो आईसीयू में भर्ती है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेट ने कहा कि पिछले 10 दिनों में उत्तर-पश्चिम सीरिया के अस्पतालों, स्कूलों, बाजारों और बेकरियों पर हवाई हमलों में 26 बच्चों सहित 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि रुस की सेना ने जिस तरह से रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर हमला किया है उसके उनके खिलाफ युद्ध अपराधों के लिए आरोपित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों पर जानबूझकर हमले युद्ध अपराध हैं और जिन लोगों ने उन्हें आदेश दिया है या उन्हें बाहर किया है वे अपने कार्यों के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार हैं।
उन्होंने दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों द्वारा नेतृत्व की विफलता की भी आलोचना की और कहा कि इदलिब में हुई मौतों को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा कलेक्टिव श्रग से मिला है। रूस द्वारा किए गए एक सौदे के तहत इदलिब को बड़े पैमाने पर हमले से बचाया जाना चाहिए, जो असद और तुर्की का समर्थन करता है। युद्धविराम समझौते ने शहर पर केंद्रित एक बफर ज़ोन स्थापित किया, जो अब लगभग तीन मिलियन लोगों का घर है।