मप्र में दो साल बाद जुलाई में सबसे तेज बारिश, सीजन का आधे से ज्यादा कोटा पूरा

भोपाल . मानसून के दूसरे सबसे सक्रिय सिस्टम ने सोमवार रात को भोपाल में जमकर बारिश कराई। रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक करीब सवा चार इंच (107 मिमी) बारिश से राजधानी तर हो गई। जबकि सुबह से देर रात 1 बजे तक 5.54 इंच (140.9 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई। कई रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।
जबकि बारिश के साथ चली तेज हवा से कई जगह बिजली गुल हो गई और कई पेड़ धराशायी हो गए। यह इस सीजन की सबसे ज्यादा, जबकि दो साल बाद जुलाई की सबसे तेज बारिश है। 2017 अाैर 2018 में जुलाई में इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है। सोमवार देर रात तक हुई बारिश के बाद भोपाल का सीजन की बारिश का आधा कोटा पूरा हो गया। सीजन का कोटा 1086.6 मिमी का है, जो 650.5 मिमी पर पहुंच चुका है। यह अब तक की सामान्य बारिश 435.8 से 214.7 मिमी ज्यादा है।
बड़ा तालाब… 48 घंटे में 4.90 फीट बढ़कर 1657.20 फीट हुआ जलस्तर : बड़े तालाब का जलस्तर 1.20 फीट बढ़ा। बीते 48 घंटे में यह 4.90 फीट बढ़कर 1657.20 फीट हो चुका है। प्रदेश में अब तक 391.8 मिमी बारिश हाे चुकी है। जोकि सामान्य 410.1 मिमी से 4% कम है।
कारण… एक साथ तीन सिस्टम सक्रिय : 2.1 किमी ऊंचाई तक बनी मानसून ट्रफ लाइन भोपाल से गुजर रही। Á उत्तरी अाेडिशा, पश्चिम बंगाल में बना चक्रवाती हवा का घेरा दक्षिण-पश्चिम में झुका है। Á राजस्थान में 3. 6 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना, जो दक्षिण-पश्चिम में झुका है। एक ट्रफ लाइन दक्षिण राजस्थान से ओडिशा जा रही है। – वरिष्ठ मौैसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार
आगे क्या : भोपाल, इंदौर समेत 26 जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मैसेज राहत अायुक्त ने साेमवार रात वायरलेस मैसेज के जरिए कलेक्टराें व संभागायुक्ताें काे भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, गुना, अशोकनगर समेत 26 जिलाें में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
निमाड़ क्षेत्र के खंडवा, खरगोन, अाशापुर, खालवा, अमलपुरा समेत आसपास के सभी जिलों में मानसून ने सोमवार को जबरदस्त बारिश कराई। खंडवा में रविवार देर रात से सोमवार दोपहर तक 5 इंच बारिश हुई, जिससे शहर के ज्यादातर इलाकों में कमर तक पानी भर गया। करीब 200 गांवों के पुल, पुलिया, रपटा आदि बह जाने से खंडवा से होशंगाबाद, वडोदरा समेत कई मार्ग बंद हो गए। बाढ़ जैसे हालात होने से सुदूर के गांवों का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया। सबसे ज्यादा नुकसान आशापुर में हुआ। यहां अग्नि नदी में उफान आने से 100 साल पुराना पुल बह गया। 200 मकान डूब गए।
नदी किनारे बने आदिवासी कन्या छात्रावास के चाराें ओर 20 फीट तक पानी भर गया। पानी लगातार बढ़ रहा था, इसलिए यहां रह रहीं 150 छात्राओं ने छत पर चढ़कर अपनी जान बचाई। 100 ग्रामीण भी माताजी मंदिर की छत पर चढ़े रहे। 3 घंटे बाद ग्रामीणों व पुलिस की मदद से उन्हें छत से नीचे उतारा जा सका।