भाेपाल में कोलार समेत अन्य इलाकों की कॉलोनियों बारिश ऐसे हाल हैं

भाेपाल . बारिश और हर साल की तरह फिर वही धंसती सड़कों में सुरक्षित जगह तलाशता आम आदमी। पाइपलाइन और सीवेज लाइन के लिए हो रही मनमानी खुदाई के आगे हमारे सरकारी सिस्टम की तमाम शर्तें बेबस हैं। अालम यह है कि जहां दाे महीने पहले खुदाई की गई थी, वहां निर्माण कंपनी ने रेस्टाेरेशन ही नहीं किया। एेसे में बारिश का पानी पड़ने से दलदल हाे गया है अाैर अब यहां दिनभर वाहन फंस रहे हैं। बारिश के बाद सबसे ज्यादा परेशानी राेहित नगर अाैर बावड़िया कला समेत अासपास के इलाकाें में हाे रही है। यहां पिछले पांच दिनाें में 50 से ज्यादा वाहन फंस चुके हैं। गनीमत यह है कि अभी तक काेई बड़ा हादसा नहीं हुअा है।
काेलार राेड के मंदाकिनी चाैराहे से जेके अस्पताल जाने वाली सड़क काे सीवेज लाइन के लिए करीब दाे महीने पहले खाेदा गया था। यहां रेस्टाेरेशन के नाम पर सड़क पर डामर बिछा दिया गया। लेकिन, निर्माण इतना घटिया था कि सागर प्रीमियम टावर के सामने बारिश के पानी के चलते सड़क ही धंस गई। इससे पहले इसी राेड पर शिर्डीपुरम के पास भी सड़क धंस चुकी है। सड़क के इस हिस्से काे दाेबारा बनाया गया है। गौरतलब है कि कोलार की 40 से अधिक कॉलोनियोंं में ऐसे ही हालात हैं।
हेमूकालानी सी सेक्टर में सीवेज लाइन के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। निर्माण कंपनी ने सीवेज लाइन डाली अाैर अागे बढ़ गए। न उन्हाेंने रेस्टाेरेशन किया अाैर न जिम्मेदाराें ने ही इस अाेर ध्यान दिया। बुधवार काे एक कार यहां फंसी ताे लाेगाें की मदद से उसे निकाला जा सका।
राेहित नगर फेस वन के सामने वाली सड़क की खुदाई के बाद से हालत अाैर भी ज्यादा जर्जर हाे गई है। यूं ताे बारिश के दिनाें में यहां हरसाल पानी भरने से परेशानी हाेती थी, लेकिन इस बार लाेगाें काे कीचड़ हाेने से परेशानी हाे रही है। बुधवार काे ट्राॅली फंस गई।
…और ये दावा- लोगों को परेशानी न हो इसलिए व्यवस्था कर रहे हैं
सीवेज लाइन के लिए की गई सड़काें की खुदाई के बाद कंपनी काे रेस्टाेरेशन करना चाहिए था, यह क्याें नहीं हुअा जिम्मेदाराें से बात करेंगे। लाेगाें काे परेशानी न हाे, इसके लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कमल सोलंकी, अपर आयुक्त, नगर निगम