मप्र में पहली बार नकली घी बनाने वाले पर रासुका की कार्रवाई, आरोपी को जेल भेजा

उज्जैन. नकली घी बनाने के मामले में मप्र में पहली बार आरोपी पर रासुका की कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया है। उज्जैन कलेक्टर शशांक मिश्रा ने सेहत से खिलवाड़ करने वाले आरोपी कीर्ति केलकर पर रासुका की कार्रवाई की है। उसे इंदौर जेल भेजा गया है। वह श्री कृष्णा गृह उद्योग के नाम से फैक्ट्री चला रहा था, जिसमें सोया तेल वनस्पति और एसेंस मिलाकर नकली घी बनाकर आसपास की छोटी दुकानों में खपाता था। मंगलवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बहादुरगंज स्थित केलकर परिसर में छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली घी पकड़ा था।
बहादुरगंज के केलकर परिसर में चल रही घी बनाने की फैक्टरी से रोज 30 किलो नकली देसी घी बनाया जा रहा था। इसे शहर की छोटी किराना दुकानों और आसपास के गांवों की दुकानों पर खपा रहे थे। यहां ये फैक्टरी 2006 से चल रही है। प्रशासन ने पहले भी कार्रवाई की थी, लेकिन नियम की लचरता के चलते जुर्माना देकर छूट गए और फिर वापस मिलावट का कारोबार शुरू कर दिया। केलकर परिसर में मांगलिक आयोजन होते हैं।
इस परिसर में ही व्यापारी मिलावटी घी की फैक्टरी संचालित कर रहा था। किसी को शक न हो इसके लिए वह बेकरी आइटम में उपयोग होने वाले माइल्ड फेट की आड़ में मिलावटी घी की फैक्टरी चला रहा था। अधिकारियों की पूछताछ में व्यापारी ने बताया प्रतिदिन वह 30 किलो घी तैयार करता है, जिसे बाजार में बेच दिया जाता है। यानी एक माह में 900 किलो मिलावटी घी बाजार में सप्लाई कर दिया जाता था। टीम यह भी पता लगा रही है कि यहां से किन-किन दुकानों पर घी सप्लाई होता था।
कलेक्टर बोले- मिलावटियों पर कार्रवाई जारी रखें
खाद्य पदार्थाें में मिलावट करने वालाें के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। इसे अभियान के रूप में लिया जाए। मिलावट करने वाले कोई भी हाें, उन्हें किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाए। ये सख्त निर्देश कलेक्टर शशांक मिश्र ने बैठक में अधिकारियाें को दिए थे।
26 जून को ऑनलाइन आवेदन किया निरस्त
फैक्टरी संचालक केलकर ने 26 जून 2019 को खाद्य लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। मिलावटी घी बनाने की फैक्टरी के आवेदन निरस्त कर दिया है।