Elicit people’s suggestions before auction of sand mines: CM Shri Kamal Nath

Bhopal, August 5, 2019 (Muslim Saleem): Chief Minister Shri Kamal Nath has asked concerning officials to elicit people’s suggestions before auction of sand mines in Madhya Pradesh. He gave these directives at a meeting on raw mineral policy at Mantralaya here today. The Chief Minister Shri Kamal has told that suggestions should be obtained from people before auctioning sand mines. Full transparency should be maintained in auctioning. He further directed that such a Mines and Mineral policy should be prepared, so that illegal extraction could be strictly prevented. Shri Nath told that the interests of people of the state should be taken into account by making changes in the Mines & Mineral Policy. The Chief Minister Shri Nath gave these directives in a meeting held in context to the rules of New Sand Policy & Mines and mineral Policy at Mantralaya today.

The Chief Minister stated that the procedure of auctioning should be prepared on the basis of suggestions received from the people. This will help in enhancing participation of people and panchayats too will get enhanced amount. He further mentioned that this procedure will prevent future problems of auctioning and full transparency will be maintained.

Shri Nath gave instructions to make desired changes in the Mines and Mineral Policy of the state. He said that the policy should protect the interests of the people of the state. He told that priority should be given in allotting mining lease to the established industrialists of the state. Shri Nath mentioned that it should be included in the mining policy that the processing of mineral wealth should be done in the state itself. This will provide employment to our youth and boost economic activities. He told to bring speed in assessment, auctioning and allotment procedure of minerals of the state.

Moreover, Shri Nath said that sand should be given to the beneficiaries of Pradhan Mantri Awas and for building toilets without any royalty. He also gave instructions to provide 10 cubic meter sand at a time without any cost to people making clay pots and to the people belonging to scheduled caste, schedule tribe and living below poverty line for their personal use.

The Minister for Mineral Resources Shri Pradeep Jaiswal, Minister for Finance Shri Tarun Bhanot along with the Chief Secretary Shri S.R. Mohanty, Additional Chief Secretary Shri Anurag Jain and Principal Secretary Mining Shri Neeraj Mandloi were present at the meeting.


रेत खदानों की नीलामी के पूर्व जनता के सुझाव प्राप्त करें – मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने रेत खदानों की नीलामी के पूर्व आम जनता से सुझाव आमंत्रित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि खदानों की नीलामी में पूरी पारदर्शिता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी रेत और गौण खनिज की नीति ऐसी बने, जिससे अवैध उत्खनन को सख्ती से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने गौण खनिज नीति में परिवर्तन कर उसमें प्रदेश और यहाँ रह रहे लोगों के हितों को ध्यान में रखने को कहा। श्री नाथ ने आज मंत्रालय में नई रेत नीति और गौण खनिजों के नियमों के संबंध में हुई बैठक में यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर रेत खदानों की नीलामी की प्रक्रिया तय की जाए। इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ ही पंचायतों को बढ़ी हुई राशि भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से नीलामी होने से भविष्य में कोई समस्या नहीं होगी और पूरी पारदर्शिता भी रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने प्रदेश की गौण खनिज नीति में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीति ऐसी हो, जिसमें प्रदेश और यहाँ के लोगों का हित संरक्षित हो। उन्होंने गौण खनिज की खदान लीज आवंटन में प्रदेश में स्थापित उद्योगपतियों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति में इस बात का भी समावेश हो कि प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा की प्रोसेसिंग भी प्रदेश में हो। इससे हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खनिज संपदा के आकलन, नीलामी और आवंटन प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश दिए।
श्री कमल नाथ ने कहा कि स्वत: प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय बनाने वाले हितग्राहियों को बगैर किसी रायल्टी के रेत दी जाए। उन्होंने पारंपरिक रूप से मिट्टी के बर्तन बनाने वाले, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वालों को स्वयं के उपयोग के लिए एक बार में 10 घन मीटर रेत नि:शुल्क उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में खनिज मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल, वित्त मंत्री श्री तरुण भनोत, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मंडलोई उपस्थित थे।