भोपाल से चलने वाली ट्रेन के 486 सवारी डिब्बों में बॉयो टॉयलेट लगाए, अब ट्रैक पर नहीं होगी गंदगी

भोपाल. भोपाल से चलने वाली सवारी ट्रेन में न तो यात्रा के दौरान टॉयलेट में गंदगी होगी और न ही टॉयलेट के कारण ट्रैक खराब होगा। यह संभव हो सका है भोपाल के रिकॉर्ड समय में बॉयो टॉयलेट के काम को पूरा करने से। भोपाल से 19 ट्रेन चलती हैं। इनमें 486 सवारी डिब्बें हैं। बीते बुधवार को ट्रेन के अंतिम डिब्बे में बॉयो टॉयलेट लगाया। इसके साथ ही दिसंबर 2019 की तय समय से 5 माह पहले ही भोपाल ने इसे पूरा कर लिया।
हालांकि डीआरएम भोपाल उदय बोरवणकर का कहना है कि हम यह दावा तो नहीं करते हैं कि देश में हम ऐसा करना वाले पहले हैं, लेकिन अब तक किसी ने पहले कार्य पूरा करने का दावा नहीं किया है।
इस तरह काम करता है बॉयो टॉयलेट
गाड़ियों के डिब्बों में बॉयो-टॉयलेट शौचालय के नीचे की ओर लगाया जाता है। इसके द्वारा गंदगी को एनएम्रोबिक बेक्टीरिया त्वरित ट्रीटमेंट किया जाता है। इससे गंदगी को एनएम्रोबिक बेक्टीरिया द्वारा पानी और गैस में बदल दिया जाता है। गैस वातावरण में मिल जाती है और दूषित जल को क्लोरिन ट्रीटमेंट के उपरांत निष्कासित कर दिया जाता है। इससे न तो गंदगी होती है और न ही ट्रैक और ट्रेन को नुकसान होता है। इसकी बनावट के कारण ही टैंक को खाली करने अथवा साफ करने की आवश्कता नहीं होती है। इसी कारण अलग से सफाईकर्मी भी नहीं लगाना पड़ता है।
यात्री इस तरह निभाएं अपनी जिम्मेदारी
यात्रा के दौरान यात्री कचरा, यूज बॉटल, नेपकिन आदि टायलेट में डाल देते हैं। इससे बॉयो टॉयलेट चोक हो जाते हैं। शौचालय से दुर्गंध आने लगती है। इससे वातावरण दूषित होता है। शौचालय से आने वाली दुर्गंध की रोकथाम के लिये वेंचुरी टाइप फोर्स वेंटीलेशन सिस्टम भी लगाया गया है। अतः इसे रोकने के लिए टॉयलेट के अंदर लगी डस्ट बिन का उपयोग करें।

भोपाल से चलने वाली गाड़ियां
हबीबगंज-पुरी-हबीबगंज स्पेशल एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस, हबीबगंज निजामुद्दीन-हबीबगंज शताब्दी एक्सप्रेस, भोपाल-दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस, भोपाल-इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस, भोपाल-जोधपुर-भोपाल, भोपाल-बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस, भोपाल-इटारसी-भोपाल विंध्याचल, भोपाल-उज्जैन-भोपाल पैसेंजर, भोपाल-खजराहो-भोपाल एक्सप्रेस, हबीबगंज-रीवा-हबीबगंज एक्सप्रेस, भोपाल-सिंगरोली-भोपाल एक्सप्रेस और भोपाल-जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस कुल 19 ट्रेन हैं।