बारिश में डूबे रपटे में बहे तीन युवक; बैतूल में उफनती नदी को जोखिम लेकर पार कर रहीं छात्राएं

बारिश में डूबे रपटे में बहे तीन युवक; बैतूल में उफनती नदी को जोखिम लेकर पार कर रहीं छात्राएं
भोपाल/रायसेन/बैतूल. प्रदेश में हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी और अंचल के कुछ जिलों में तेज बारिश के कारण कुछ मार्ग बंद रहे। वहीं सारंगपुर में तीन युवक बह गए। इनमें से एक बच गया, जबकि दो का सुराग नहीं लगा। बैतूल में भीमपुर ब्लॉक के गोरखीढाना में ताप्ती नदी और गोरखीढाना नदी पर पुल निर्माण नहीं होने के कारण बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनदी नदी पार करने को मजबूर हैं।
जानकारी के मुताबिक, यहां के गोरखीढाना के 60 स्कूली बच्चों को माध्यमिक और हाई स्कूल की पढ़ाई करने तीन किमी दूर उत्ती गांव जाना पड़ता है। छात्र-छात्राएं बारिश के मौसम में रास्ते में पड़ने वाली नदी पार करने के बाद ही स्कूल पहुंच पाते है। रोजाना बच्चों को परिजन नदी पार करवाकर स्कूल भिजवाते हैं। वहीं बैतूल में ताप्ती नदी उफान पर है।
वहीं राजगढ़ जिले के सारंगपुर क्षेत्र के अमलावता गांव के तीन युवक रात करीब पौने ग्यारह बजे बाइक से इकलेरा जा रहे थे। काई नदी का रपटा पार करते समय वे तीनों बह गए। इनमें से मोहन भिलाला (20) खजूर का पेड़ पकड़कर बच गया। उसे वहां मौजूद ग्रामीणों ने निकाल लिया। जबकि दिव्यांग बबलू राजपूत (25) और सोनू वर्मा (22) का शुक्रवार शाम तक सुराग नहीं लगा।
विधायक ने पुल निर्माण के लिए पत्र लिखा है
भैंसदेही के विधायक धरमू सिंह सिरसाम ने बताया नदी पर पुल बनाने के लिए प्रधानमंत्री सड़क इकाई एक तथा पीडब्ल्यूडी को भी पत्र लिखा है। सीईओ जनपद पंचायत भीमपुर कंचन वास्कले ने कहा यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। मैं अभी आई हूं। अगर ऐसा है तो वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
रस्सी के सहारे नदी पार करते हैं ग्रामीण
बघोली डेम के पानी ने दो गांवों के ग्रामीणों के बीच दूरी बढ़ा दी है। बघोली बुजुर्ग से कोल्हीढाना जाने वाले मार्ग पर स्थित साकरया नदी में डेम बनने के बाद से लगातार पांच फीट से अधिक पानी बहता है। इससे दोनों गांवों के ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ती है। कोई अप्रिय घटना नहीं हो, इसके लिए ग्रामीणों को रस्सी के सहारे एक-दूसरे की मदद से नदी पार करना पड़ रही है।
रायसेन में बंद रहे प्रमुख मार्ग
जिले में भारी बारिश के कारण कई प्रमुख मार्ग घंटों तक बंद रहे। बेतवा नदी का पानी पग्नेश्वर पुल पर होने से रायसेन-सांची मार्ग गुरुवार की रात से बंद है। इसी तरह भोपाल मार्ग पर सुबह दरगाह वाले रपटे पर पानी आ गया था और बायपास की पुलिया की पिचिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे करीब चार घंटे यातायात बंद रहा था।
बाद में बायपास की पुलिया की पिचिंग की मरम्मत कर वहां से यातायात बहाल कर दिया गया। बरेली के पास बारना नदी का पानी पुल पर होने से जयपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-12 करीब पांच घंटे तक बंद रहा। गैरतगंज के पास बीना नदी का पानी कहूला पुल पर होने से सुबह सागर मार्ग दोपहर तक बंद रहा। विदिशा जिले के भाटनी के पास नेवन नदी का पानी पुल पर करीब 15 फीट होने के कारण विदिशा-गैरतगंज मार्ग देर शाम तक बंद रहा।