इंदौर-देवास लाइन दोहरीकरण शुरू नहीं हुआ, ट्रेनें 15-45 मिनट होती हैं लेट

इंदौर . इंदौर-देवास-उज्जैन के बीच लाइन दोहरीकरण (डबलिंग) कार्य को स्वीकृत हुए 21 महीने हो गए। अभी तक उज्जैन-देवास के बीच करीब 22 किमी हिस्से में अर्थवर्क पूरा किया है, पटरियां अभी भी नहीं बिछी हैं। सबसे खास बात ये कि प्राथमिकता में इंदौर (लक्ष्मीबाई नगर)-देवास के बीच डबलिंग का काम पूरा किया जाना चाहिए था, ताकि इंदौर आने वाली ट्रेनें लेट न हों। देवास-इंदौर के बीच सिंगल लाइन होने से क्रॉसिंग के कारण महीने में 20 दिन 10 से ज्यादा आने वाली ट्रेनें 15 से 45 मिनट तक लेट हो जाती हैं। बिंजाना, बरलई, मांगलिया में क्रॉसिंग के कारण इन ट्रेनों को रोकना पड़ता है। लेट होने वाली ट्रेनों में नर्मदा एक्सप्रेस, जबलपुर ओवर नाइट, पेचवेली, भोपाल इंटरसिटी, जोधपुर-इंदौर, उदयपुर-इंदौर, मालवा एक्सप्रेस, निजामुद्दीन इंटरसिटी आदि शामिल हैं।
नवंबर-2017 में स्वीकृति के बाद 79.23 किमी हिस्से में डबलिंग का काम रेलवे ने शुरू किया। पहले हिस्से में रेलवे ने उज्जैन से देवास के बीच काम शुरू किया। रेलवे सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य नागेश नामजोशी का कहना है अधिकारियों ने सबसे ज्यादा जरूरी हिस्से (इंदौर-देवास) को पहले चरण में छोड़ दिया। अब तक इस हिस्से (लक्ष्मीबाईनगर-देवास के बीच एक पुलिया को छोड़ दें तो) में काम ही शुरू नहीं हो पाया। रेलवे अफसरों का कहना है अब इस हिस्से का काम अक्टूबर से शुरू करेंगे। अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा।
वर्तमान स्थिति : विक्रम नगर से कड़छा तक करीब 22 किमी हिस्से में अर्थवर्क का काम पूरा हुआ।
स्वीकृति : 10 नवंबर 2017
लंबाई : करीब 80 किमी
लागत : 603.69 करोड़
काम होना था : 2 साल में
निर्माण विभाग से कहा है कि बारिश बाद प्राथमिकता में शुरू करें काम : डीआरएम
प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद इंदौर-देवास-उज्जैन डबलिंग का काम अब तक कितना हुआ है?
विक्रमनगर से कड़छा के बीच काम चल रहा है। उज्जैन स्टेशन के आसपास के हिस्से में भी काम चल रहा है।
इंदौर-देवास के बीच ज्यादा परेशानी है, ट्रेनें लेट होती हैं। इस हिस्से में काम पहले करना था?
हां, यह सही है। हालांकि उज्जैन के आसपास का काम भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि वहां से तीन लाइन (इंदौर के लिए, फतेहाबाद के लिए, भोपाल के लिए) जाती है। ट्रेनों का दबाव वहां भी काफी ज्यादा है। पुराने सिग्नल को बदलकर नए सिग्नल को लगाने का काम भी साथ-साथ चल रहा है। पूरे सेक्शन का काम जल्द से जल्द पूरा हो जाए, हम इसी प्रयास में लगे हैं।
इंदौर-देवास के बीच डबलिंग का काम कब तक शुरू होगा? यहां भी ज्यादा परेशानी है।
हमने रेलवे के निर्माण विभाग से स्पष्ट कह दिया है कि वह बारिश बाद यानी अक्टूबर से लक्ष्मीबाईनगर से डबलिंग का काम शुरू कर दे। मार्च 2020 तक हम इस हिस्से का काम पूरा कर देंगे।