बैतूल गैंगरेप के चार दोषियों को उम्रकैद; कोर्ट ने कहा- आरोपियों को छोड़ा गया तो बेटियां घर में सुरक्षित नहीं रह पाएंगी

मुलताई (बैतूल). जिले के ग्राम हसलपुर की रामटेकड़ी पहाड़ी पर एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म और लूटने के चार दोषियों को बुधवार को मुलताई एडीजे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दो साल पुराने इस मामले में दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका गया है।
सजा देने के बाद जज ने कहा है कि दंड का आशय केवल आरोपी को दंडित करना नहीं है, बल्कि इससे समाज में एक ऐसा संदेश जाना चाहिए कि देश में विधि का शासन है और कोई भी व्यक्ति जिसने अपराध किया है। वह कानून से बच नहीं सकता। अगर ऐसे व्यक्तियों को उदारतापूर्वक छोड़ा गया तो निश्चित रूप से किसी भी व्यक्ति की बेटी घर में सुरक्षित नहीं समझी जाएगी।
एडीपीओ मालिनी देशराज एवं शासकीय अधिवक्ता राजेश साबले के मुताबिक 27 सितंबर 2017 को महाराष्ट्र की नर्सिंग की छात्रा अपने दोस्त के साथ बैतूल के आमला थाना क्षेत्र के हसलपुर गांव की रामटेकडी पहाड़ी पर घूमने आई थी। वे दोनों पहाड़ी पर बैठकर बात कर रहे थे। तभी हसलपुर निवासी राकेश बेले और सागर बेले वहां आए और उन्हें लूट लिया। इसके बाद राकेश ने अपने दो अन्य साथियों लवकुश एवं तरुण को बुला लिया। उन्होंने युवती और दोस्त के साथ जबरदस्ती करने लगे। इस बीच दोस्त जान बचाकर भाग गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बनाया।
युवती ने चीख पुकार करने पर भागे थे आरोपी
युवती ने चीख पुकार शुरू कर दी,इसके बाद गांव का एक अन्य व्यक्ति आ गया तो ये चारो भाग निकले थे। उस व्यक्ति की मदद से युवती पुलिस तक पहुंची थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को 24 घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में डीएनए टेस्ट रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों व पीड़िता के बयान के आधार पर एडीजे कोर्ट ने चारों को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
Life imprisonment to four gang rape convicts; Court said- daughters will not be safe in the house if the accused are released