टीम इंडिया में विकेट के पीछे धोनी नहीं, पंत की जगह हो गई पक्की?

नई दिल्ली : साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की घरेलू टी20 इंटरनैशनल सीरीज के लिए गुरुवार को टीम इंडिया का ऐलान हो गया। भारतीय टीम में महेंद्र सिंह धोनी को जगह नहीं मिली है, उनकी जगह ऋषभ पंत को मौका मिला है। वेस्ट इंडीज दौरे के दौरान तो धोनी सेना में अपनी ट्रेनिंग के लिए ब्रेक पर थे लेकिन इस बार वह टीम के लिए उपलब्ध हो सकते थे। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया है? तो क्या चयनकर्ताओं के इस निर्णय के कुछ खास मायने भी हैं।
भारतीय टीम का अगल लक्ष्य टी20 वर्ल्ड कप है, जो 2020 में ऑस्ट्रेलिया में खेला जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले भारत के पास अपनी टीम तैयार करने के लिए 22 टी20 मैच ही बचे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि टी20 फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए विकेट के पीछे कौन खड़ा होगा? क्या धोनी वापसी कर पाएंगे या फिर पंत पर ही विश्वास बना रहेगा। या फिर दूसरे विकल्प भी देखे जाएंगे।
वापसी की बात दूर, अब दूसरी चॉइस भी नहीं धोनी
भारत को दो बार वर्ल्ड चैंपियन (2007 और 2011) बनाने वाले धोनी को अब सिलेक्टर दूसरे विकेटकीपर के रूप में भी नहीं देख रहे। पिछले कुछ समय में धोनी के खेल की तारीफ से ज्यादा आलोचनाएं ही हुई हैं। विकेटकीपिंग में तो धोनी आज भी सबसे चपल और चतुर नजर आते हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में अब वह धार नहीं दिखती, जिसकी पहचान उन्होंने बनाई थी। सिलेक्टर्स ने इशारे साफ कर दिए हैं कि इस वक्त वह धोनी की ओर नहीं देख रहे हैं और इसलिए वर्ल्ड कप बाद यह लगातार दूसरी बार होगा, जब धोनी टी20I सीरीज में नहीं दिखेंगे।
ऐसे में सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट कुछ विकेटकीपरों के रूप में धोनी के विकल्प की तलाश कर रहा है। इनमें युवा खिलाड़ ऋषभ पंत सबसे आगे नजर आते हैं। लेकिन पंत के अलावा इस फेहरिस्त में कुछ और नाम भी हैं।
ऋषभ पंत हैं पहली चॉइस
21 वर्षीय यह लेफ्टहैंडर बल्लेबाज और विकेटकीपर खिलाड़ी अब तक के अपने छोटे से ही इंटरनैशनल करियर में हर फॉर्मेट में चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को प्रभावित कर रहा है। लेकिन बल्लेबाज के रूप में इस खिलाड़ी से चिंता यह होती है- उनका गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट होना।
वह वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भी टीम को संभालने के बाद बिल्कुल गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हुए थे और वेस्ट इंडीज दौरे पर खेले सभी फॉर्मेट में उनके रन कुछ इस प्रकार रहे हैं- (0, 4, 65*, 20, 0, 24 और 7) हालांकि उनके पास आज से दूसरे टेस्ट में एक बार फिर खुद को साबित करने का मौका होगा। हालांकि टेस्ट में भले ही वह 45.43 के औसत से रन बना रहे हैं लेकिन सीमित ओवरों में (वनडे में 22.90 और टी20I में 21.57 के औसत से ही खेल रहे हैं।
धोनी के संन्यास लेने के बाद ऋद्धिमान साहा टेस्ट क्रिकेट में लगातार अपनी जगह बनाए हुए थे। साउथ अफ्रीका दौरे पर वह चोटिल हुए तो फिर 18 महीने तक वह चोट से उबर नहीं पाए। इस दौरान युवा पंत को टेस्ट में भी मौका मिला और अब वह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शतक जमाने वाले एक मात्र भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। हालांकि चोट के बाद साहा ने वापसी की, तो उन्होंने भारत A के लिए खेले 2 अनाधिकारिक टेस्ट में दो अर्धशतक जरूर जड़े। लेकिन उन्हें एंटीगा टेस्ट में टीम इंडिया में स्थान नहीं मिला। दूसरे टेस्ट में भी उनके लिए मौका दिखाई नहीं देता है।
सफेद बॉल क्रिकेट में संजू टीम इंडिया में अब दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में देखे जा रहे हैं। लेकिन उनकी बल्लेबाजी में तो चयनकर्ताओं को कोई संदेह नहीं लेकिन उनकी विकेटकीपिंग को लेकर कुछ संशय जरूर है। बतौर बल्लेबाज तो वह पंत की ही तरह तेज बल्लेबाजी और हवाई फायर करने में माहिर हैं, लेकिन विकेटकीपिंग में कुछ अहम मौकों पर वह गलती कर जाते हैं। हालांकि साउथ अफ्रीका A के खिलाफ भारत A की तरफ से जब वह उतरेंगे, तो चयनकर्ता उनके खेल पर अपनी नजर जरूर रखेंगे।
ईशान किशन को भी है उम्मीद
21 वर्षीय यह युवा खिलाड़ी भी T20 वर्ल्ड कप के लिए खुद को तैयार कर रहा है। ईशान एमएस धोनी की गृह राज्य से झारखंड से ही आते हैं और धोनी ने उन्हें कई बार विकेटकीपिंग और उनकी बैटिंग में सुधार के लिए अहम टिप्स दिए हैं। झारखंड के लिए सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रोफी खेलते हुए इस लेफ्ट हैंडल बल्लेबाज ने बैक-टू-बैक दो शतक जमाए थे। टी20 क्रिकेट में ऐसा करने वाले वह दूसरे भारतीय हैं।