UN में PM मोदी का भाषण जम्मू कश्मीर में केंद्र के कदमों को ‘झुठलाता’ है : नेशनल कॉन्फ्रेंस

श्रीनगर : नेशनल कॉन्फ्रेंस ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण जम्मू कश्मीर में उनकी सरकार के कदमों को ‘‘झुठलाता’’ है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान किया था कि वह आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो। मोदी ने आतंकवाद को केवल एक देश नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती में से एक बताया था।
नेशनल कान्फ्रेंस ने एक बयान में कहा, ‘‘यूएनजीए (संयुक्त राष्ट्र महासभा) में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में विशालतम लोकतंत्र बताकर देश की जो सराहना की है वह किसी उपहास से कम नहीं है। विश्व नेताओं का समुदाय मोदी नीत सरकार का आकलन जम्मू कश्मीर राज्य में उसके कदमों के आधार पर कर रहा है।’’
नेशनल कान्फ्रेंस ने कहा कि मानवाधिकार का सम्मान किये बिना विकास का विचार असंभव है और ‘‘दुर्भाग्य से’’ अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान और 35ए को असंवैधानिक तरीके से समाप्त किये जाने के बाद से राज्य के लोगों को उनके बुनियादी नागरिक अधिकारों से वंचित किया गया है।
नेशनल कान्फ्रेंस ने कहा कि जम्मू कश्मीर राज्य से उसका दर्जा ‘‘छीन’’ लिया गया और विकास के कथित नाम पर उसका दर्जा कम करके केंद्र शासित प्रदेश कर दिया गया।
पाबंदियां पूरे कश्मीर में पांच अगस्त को लगायी गई थीं जब केंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के अपने निर्णय की घोषणा की थी। समय बीतने के साथ स्थिति में सुधार होने पर पाबंदियां घाटी के कई हिस्सों से चरणों में हटायी गई।