10 किलो गेहूं के लिए बच्ची ने मंदिर से चुराए 250 रुपए; CM कमलनाथ ने दी एक लाख की आर्थिक सहायता

सागर. महज 10 किलो गेहूं के लिए रहली के टिकिटोरिया मंदिर की दानपेटी से 250 रु. चुराने वाली 12 साल की बच्ची को जमानत मिल गई है। सोमवार को कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक जिला न्यायालय पहुंची और बच्ची को जमानत दिलाने का इंतजाम कराया। बच्ची के पिता को रेडक्रॉस सोसायटी से 10 हजार रु. की आर्थिक मदद भी दी ताकि वह उसे शहडाेल से ला सके।
इधर, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक दिन बाद कहा कि मजदूर परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक मदद और राशन मुहैया कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्य मौजूद नहीं थे, इसके चलते जमानत पर सुनवाई ही नहीं हुईं। इस कारण बच्ची को शहडोल स्थित किशोर बालिका संप्रक्षण गृह भेज दिया था। पिता मजदूर हैं और बेटा-बेटी के साथ एक टपरे में रहते हैं।
चक्की वाले ने कह दिया था गेहूं गायब हो गया : पिता ने बताया कि पत्नी का निधन हो चुका है। तीन बच्चे हैं, जिनमें यह बच्ची सबसे बड़ी है। उसे बीते सप्ताह 10 किग्रा गेहूं पिसवाने के लिए दिए थे। जब बेटी आटा लेने पहुंची तो चक्की वाले ने गेहूं गायब हो जाने का कहकर लौटा दिया। बेटी इससे डर गई और उसने दानपेटी से 250 रु. चोरी कर लिए। उसने 180 रु. के 10 किग्रा गेहूं खरीदे, बाकी पैसे स्कूल बैग में रख लिए थे। चोरी के मामले में रहली पुलिस ने बच्ची को शनिवार को अभिरक्षा में लिया था।
पिता को आर्थिक मदद देंगे
सागर कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक ने कहा कि भोजन के इंतजाम के लिए इस बच्ची का चोरी करना बेहद दुखद है। उसके पिता को आर्थिक मदद दी गई है। पारिवारिक हालात को देखते हुए उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा।