सीबीआई ने सेंगर को हत्या के आरोप से बचाया, रेप पीड़िता का ऐक्सिडेंट में दायर किया आरोप पत्र

लखनऊ: सीबीआई ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के साथ हुई सड़क दुर्घटना के मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। गौरतलब है कि सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता का ऐक्सिडेंट हो गया था और उसने सीबीआई के सामने हादसे के पीछे विधायक का ही हाथ बताया था।
जांच कर रहे अधिकारी ने बताया, ‘इस मामले में कुलदीप सेंगर, उसके सहयोगियों के खिलाफ सीबीआई के आरोपपत्र में हत्या का कोई आरोप नहीं दायर हुआ है।’ बता दें कि सेंगर पर 2017 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने का आरोप है। एक सड़क हादसे में घायल पीड़िता का दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज हुआ। पीड़िता सीबीआई के सामने स्पष्ट कह चुकी है कि, ‘कुलदीप सिंह सेंगर ने ही रायबरेली हाइवे पर हुए ऐक्सिडेंट में मुझे मारने की साजिश रची थी। इस बात पर कोई शक नहीं है।’
सीबीआई के सामने 19 साल की पीड़िता ने यह भी बताया था कि ऐक्सिडेंट से पहले उसे सेंगर का एक गुर्गा उन्नाव कोर्ट परिसर में आकर अक्सर जान से मारने की धमकी देता था। पीड़िता ने बताया था कि सेंगर के साथी की मां भी रेप मामले में आरोपी है। पीड़िता ने बताया, ‘जब भी मेरे गार्ड को कोर्टरूम के बाहर खड़े रहने का आदेश दिया जाता था तो सेंगर का गुर्गा आकर मुझसे अपनी मां के खिलाफ केस वापस लेने को कहता था और जान से मारने की धमकी देता था।’
28 जुलाई को हुआ था ऐक्सिडेंट
पीड़िता अपनी चाची के साथ कोर्ट पहुंचती थी जिनकी ऐक्सिडेंट में मौत हो गई। बता दें कि 28 जुलाई को एनएच 31 में कार ऐक्सिडेंट में घायल होने के बाद पीड़िता ने पहली बार पिछले दिनों सीबीआई के सामने अपना बयान दिया। रेप पीड़िता अपनी दो रिश्तेदार और वकील के साथ उन्नाव से रायबरेली जेल जा रही थी। रास्ते में एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी।
इस घटना में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई जबकि वह और वकील गंभीर रूप से घायल हो गए। कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल सीबीआई की हिरासत में है। पीड़िता ने बताया, ‘मैंने देखा एक ट्रक ने सीधे हमारी ओर आकर कार को रौंद दिया। सेंगर ने ही ऐक्सिडेंट में मुझे मारने की साजिश रची थी। वह जेल में बैठे-बैठे ही सब-कुछ कर सकता है। मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मैं चलने में असमर्थ हूं।’
पुलिस और सरकारी अधिकारियों को पीड़िता ने लिखे थे कई पत्र
इससे पहले पीड़िता ने अपने एक करीबी रिश्तेदार को ऐक्सिडेंट के बारे में बताया था। पीड़िता ने बताया कि वकील ने कार को रिवर्स गियर में करने के लिए काफी कोशिश की लेकिन तब तक ट्रक गाड़ी पर चढ़ चुका था। पीड़िता ने बताया कि उसने पुलिस और सरकारी अथॉरिटी को कई पत्र लिखकर सेंगर और उसके गुर्गे की तरफ से जान से मारने की धमकी के बारे में आगाह भी किया था।
पीड़िता की मां ने बताया- मैंने की सेंगर और आरोपियों की पहचान
पीड़िता की मां ने कहा, ‘सीबीआई मेरी बेटी का बयान लेने के लिए दो बार अस्पताल आ चुकी है।’ पीड़िता की मां ने कहा कि उन्होंने भी कुछ दिन पहले कोर्ट जाकर अपना बयान दर्ज कराया था। पीड़िता की मां ने कहा, ‘सेंगर और दूसरे आरोपियों को मेरे सामने कोर्ट में कोर्ट में पेश किया गया और मुझे उन्हें पहचानने के लिए कहा गया। मैंने ऐसा ही किया और अपना बयान भी दर्ज कराया।’