हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, अब तक निकाय चुनाव क्यों नहीं करवाए?

मोहम्मद उमर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि दो नवंबर तक या तो सरकार चुनाव करवा दे या फिर चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ही कार्य करने दिया जाए.
उत्तराखंड में निकाय चुनाव कराने में नाकाम रही त्रिवेंद्र रावत सरकार से हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने जवाब तलब किया है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि तीन हफ्तों के भीतर राज्य सरकार अपना जवाब दाखिल करे. हाईकोर्ट की एकलपीठ अब 23 अक्टूबर को इस मामले पर सुनवाई करेगी.

बता दें, मोहम्मद उमर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकार निकाय चुनाव नहीं करा रही है. याचिका में कहा गया है कि सरकार ने 6 महीने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की है. जिनका कार्यकाल 2 नवंबर को खत्म हो रहा है. याचिका में मांग की गई है कि दो नवंबर तक या तो सरकार चुनाव करवा दें या फिर चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ही कार्य करने दिया जाए.

शुक्रवार को कोर्ट ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि इसी साल 3 मई से पहले राज्य में निकाय चुनाव होने थे. मगर सरकार की देरी को देख राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. राज्य निर्वाचन आयोग ने 28 अप्रैल तक चुनाव कराने के लिए कार्यक्रम सरकार को सौंप दिया था. मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई और 2 मई को सरकार ने प्रशासकों की नियुक्ति कर दी थी.

नैनीताल हाईकोर्ट में सरकार ने जून महीने में चुनाव कार्यक्रम तय करने के साथ जुलाई में चुनाव करने की बात कही थी. इस पर हाईकोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया. अब फिर एक बार निकाय चुनावों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने के बाद यह मामला फिर गर्म हो सकता है.