10 दिन में किसानों की कर्जमाफी का वादा पूरा करेंगे, जनआयोग करेगा घोटालों की जांच: कमलनाथ

राज्यपाल की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे कमलनाथ
गुरुवार को पूरे दिन चली बैठकों के बाद देर रात मुख्यमंत्री पद के लिए हुआ था उनके नाम का ऐलान
विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले कमलनाथ ने संभाला था प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का जिम्मा
भोपाल. नौ बार से छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ (72) ने शुक्रवार को राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया और अरुण यादव भी मौजूद रहे। गुरुवार रात को ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के लिए उनके नाम का ऐलान हुआ था। वे सोमवार को भाेपाल के लाल परेड ग्राउंड पर शपथ लेंगे। विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का जिम्मा संभाला था। कांग्रेस ने इस फैसले के साथ यह भी साफ कर दिया कि राज्य में कोई उप-मुख्यमंत्री नहीं होगा।
शपथ लेने के पहले शुक्रवार को कमलनाथ ने कहा कि 10 दिन में किसानों की कर्ज माफी वादा पूरा करेंगे। कृषि और विकास के लिए काम करेंगे। व्यापमं मामले की जांच को लेकर उन्होंने कहा, “हम अपोज नहीं एक्सपोज करना चाहते हैं। किसी दुर्भावना के मकसद के लिए नहीं बल्कि घोटालों को सामने लाने के लिए जनआयोग बनाया जाएगा।” मंत्रियों के सवाल पर कहा कि अभी तो फिलहाल अकेले ही शपथ ले रहा हूं। उनका फैसला भी जल्द लिया जाएगा।
मतदाताओं ने सच का साथ दिया- कमलनाथ
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने नाम का औपचारिक ऐलान होने के बाद कहा- मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि मध्यप्रदेश की जनता के विश्वास के काबिल बना रहूं। कांग्रेस सरकार में मध्यप्रदेश सुरक्षित रहेगा। इस नई शुरुआत में मैं सभी को आश्वासन देना चाहता हूं कि हम अपने शपथ पत्र का हर वादा पूरा करेंगे। मध्यप्रदेश के मतदाताओं ने सच्चाई का साथ दिया। शपथ ग्रहण के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद फैसला करेंगे।
इंदिरा ने कमलनाथ को अपना तीसरा बेटा माना था
नौ बार से छिंदवाड़ा के सांसद कमलनाथ को इंदिरा गांधी ने अपना तीसरा बेटा माना था। वे उन नेताओं में से हैं, जिन्होंने गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ काम किया। वे पहली बार नरसिम्हा राव सरकार में 1991 में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने। वे कपड़ा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), केंद्रीय उद्योग मंत्री, परिवहन व सड़क निर्माण मंत्री, शहरी विकास, संसदीय कार्य मंत्री भी रहे। मनमोहन सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री भी रहे।