Best arrangement at Kshipra Ghats for Snan Parvs after inspection by CS Shri Mohanty

January 13, 2019 (Ataullan Faizan): Chief Secretary Shri S.R. Mohanty visited Kshipra’s Triveni Ghat and Ramghat at Ujjain today and took stock of arrangements made for devotees for Makar Sankranti festival at these places. Shri Mohanty directed the administration that best arrangements should be ensured for devotees for Snan and Darshan at various ghats. He further mentioned that permanent arrangements should be made to release Narmada water into Kshipra river not only for Makar Sankranti festival but other Snan parvs too. The concerned department must shoulder its responsibility with complete coordination to undertake these works. No negligence will be tolerated in these works, he added.

In a meeting, CS Shri Mohanty gave instructions to the officers that the district administration should take strict action to prevent Gambhir river’s water theft. Special attention should be paid on sanitation at ghats. Water of Gambhir river should be released into Kshipra river if it is essential. He further directed that water of Gambhir river should be kept reserved completely for drinking purpose of Ujjain city.

Additional Chief Secretary Water Resources Shri R.S. Julaniya, Additional Chief Secretary Narmada Valley Development Shri Rajnish Vaish, Principal Secretaries Shri Pramod Agrawal and Shri Vivek Agrawal besides other Senior Officers of the division were present during the inspection.

मुख्य सचिव श्री मोहंती ने रामघाट, त्रिवेणी घाट, क्षिप्रा तट का किया निरीक्षण
  मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने आज उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट, त्रिवेणी घाट और रामघाट पहुँचकर मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिये की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। श्री मोहंती ने प्रशासन को निर्देश दिये कि विभिन्न घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिये स्नान और दर्शन आदि की सर्वोत्तम व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जायें। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर्व सहित विभिन्न स्नान पर्वों के लिये भी नर्मदा नदी का पानी क्षिप्रा नदी में प्रवाहित करने की स्थाई व्यवस्था की जाये। इन कार्यों में सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। इन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिये कि गंभीर नदी के पानी की चोरी रोकने के लिये जिला प्रशासन सख्त कार्यवाही करे। घाटों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाये। बहुत ज्यादा आवश्यकता होने पर ही गंभीर नदी का पानी क्षिप्रा नदी में छोड़ा जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि गंभीर नदी का पानी पूर्ण रूप से उज्जैन शहर की पेयजल व्यवस्था के लिये आरक्षित रखा जाये।

मुख्य सचिव श्री मोहंती के निरीक्षण के दौरान और बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री आर.एस. जुलानिया, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य, प्रमुख सचिव द्वय श्री प्रमोद अग्रवाल और श्री विवेक अग्रवाल तथा संभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।