Lok Rang is unique confluence of Indian Culture, PR Minister Shri Sharma inaugurates event

Bhopal : January 27, 2019 (Ataullah Faizan): On the occasion of Republic Day, Minister for Religious Trusts and Endowments, Public Relations, Law and Legislative Affairs, Science and Technology and Aviation, Shri P.C. Sharma inaugurated the 34th Rashtriya Lok Rang Samaroh at BHEL, Dusshera Ground. He presented state level prizes to the tableaux, selected in the Republic Day Programme, participants and others for remarkable achievements in various fields.

Minister Shri Sharma stated that Lok Rang Samaroh is a unique confluence to showcase Indian culture. We witness a tradition of unity in diversity here. He extended Republic Day’s greetings to the people present on this occasion.

The Secretary Culture, Smt. Renu Tiwari has informed that various cultural presentations like traditional dances, songs of Madhya Pradesh and other states, dances of other countries, dance-drama, children’ films and puppet show will be showcased from 7.00 p.m. onwards during the 5 day long Rashtriya Lok Rang Samaroh. People will also get taste of different regional delicacies during the samaroh, she added.

भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम है लोकरंग, जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा द्वारा शुभारंभ

भोपाल : रविवार, जनवरी 27, 2019, 18:27 IST

जनसम्पर्क, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने गणतंत्र दिवस पर बीएचईएल, दशहरा मैदान में 34वें राष्ट्रीय लोकरंग समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर गणतंत्र दिवस समारोह में चयनित झाँकियों और प्रतिभागियों तथा अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियों के लिये राज्य स्तरीय पुरस्कारों का वितरण किया।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोकरंग समारोह भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करने का अनूठा संगम स्थल है। यहाँ विभिन्नता में एकता की परम्परा देखने को मिलती है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

संस्कृति सचिव, श्रीमती रेनू तिवारी ने बताया कि पाँच दिवसीय राष्ट्रीय लोकरंग समारोह में 30 जनवरी तक प्रति दिन शाम 7 बजे से समारोह स्थल बीएचईएल दशहरा मैदान पर विभिन्न प्रस्तुतियाँ होंगी। इसमें परम्पारिक नृत्य, मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों के गायन, अन्य देशों के नृत्य, समवेत नृत्य नाट्य, बच्चों की फिल्मों, कठपुतलियों और विभिन्न आंचलिक व्यंजनों का आनंद दर्शकों को मिलेगा।