Sanjana: First Transgender in MP government job; said – now I got my place in the society

Bhopal, March 12, 2019 (Ataullah Faizan): In a first in Madhya Pradesh, a transgender has beeen given a government job. Sanjana Singh, 36, has been appointed the personal secretary to the director of the state’s Department of Social Justice and Disabled Welfare (DSJDW).
Known for proactively participating in social events in the city, Sanjana has also been made a legal volunteer of the District Legal Authority, and a member of the Lok Adalat, where she will hear the pending cases along with the judge.
“In the coming days, the people of our community will get better opportunities. If our community is given enough opportunities, we can do a lot for the society,” Sanjana told news agency ANI.
“This is a small change. In the future, there will be bigger changes,” Sanjana said while asking for reservation for the transgender community in government jobs.
Sanjana added, “If the reservation can be provided to others, then why not to us? There is a need to spread awareness in the society about transgender people. If the society does not accept us, we will not be able to break our barriers.”
Dream of making people aware of community
Sanjana says that being a transgender in the country is a curse and the society is scared to adopt them. To bring transparency in the mainstream, they will have to provide education, job and business opportunities. The moments of misery are the most when children have to leave the family and come to the transgender community. My parents used to hide this matter from others to class X and send me along with other siblings to study in school. Afterwards everyone came to know and forced me to join my community. Sanjana’s dream is to make people of my community so aware that they can identify themselves by connecting with the mainstream.
Cleanliness brand ambassador also became
Sanjana is associated with cleanliness campaign in 2016. Together with the society, he played an important role in the open defecation of 7 gram panchayats out of 15 gram panchayats of MP. Documentary film on this subject and a book was also launched. After this, he was selected for the cleanliness brand ambassador in MP in 2016. He also got award by actor Amitabh Bachchan.

सरकारी नौकरी में पहली बार ट्रांसजेंडर; संजना ने कहा- अब समाज में मुझे मेरी जगह मिल गई
Bhopal, March 12, 2019 (Ataullah Faizan): संजना ने बताया- जब उन्होंने समाज का काम करने से मना किया तो कम्युनिटी ने उनका साथ छोड़ दिया मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी पाने वालों में प्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर संजना सिंह बनी। संजना सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के डायरेक्टर की निज सचिव नियुक्त की गईं हैं। वह कहती हैं कि 15 साल की उम्र में परिवार छोड़कर ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को ज्वाॅइन करना पड़ा, लेकिन अब समाज में मुझे मेरी जगह मिल गई।
संजना कहती हैं कि शुरू-शुरू में उन्हें घर-घर जाकर त्योहारों और बच्चों के जन्म पर बधाइयां देकर कमाने के लिए दबाव डाला जाता था। लेकिन यह काम मुझे पसंद नहीं था। जब इसके लिए मना किया तो कम्युनिटी ने मेरा साथ छोड़ दिया। आज सफल हूं तो परिवार और समाज सभी साथ हो गए। 36 वर्ष की संजना 2008 से एनजीओ से जुड़कर समाजसेवा करने लगीं। उन्होंने बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर काम किया।
पैरालीगल वॉलंटियर भी हैं संजना
संजना मध्यप्रदेश की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहली ट्रांसजेंडर पैरालीगल वॉलेंटियर भी हैं। साथ ही उन्हें लोक अदालत में खंडपीठ का भी सदस्य बनाया गया। इस बार लोक अदालत में खंडपीठ की सदस्य के रूप में जज के साथ बैठकर प्रकरणों की सुनवाई भी की।
कम्युनिटी के लोगों को जागरूक करने का सपना
संजना कहती हैं कि देश में ट्रांसजेंडर होना एक अभिशाप है और समाज इन्हें अपनाने से कतराता है। ट्रासंजेंडरों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हें शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। दुख के क्षण तब सबसे ज्यादा होते हैं, जब बच्चों को परिवार छोड़कर ट्रांसजेंडर समुदाय में आना पड़ता है। मेरे माता-पिता दसवीं कक्षा तक दूसरों से इस बात को छुपाकर अन्य भाई-बहन के साथ मुझे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते थे। बाद में सभी को पता चल गया और मजबूरन मुझे अपनी कम्युनिटी में शामिल होना पड़ा। संजना का सपना है कि अपनी कम्युनिटी के लोगों को इतना जागरूक कर सकूं कि वे मुख्यधारा से जुड़कर अपनी अलग पहचान बना सकें।
स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर भी बनीं
संजना 2016 में स्वच्छता अभियान से जुड़ीं। उन्होंने समाज के साथ मिलकर मप्र के 15 ग्राम पंचायतों में से 7 ग्राम पंचायत को खुले में शौचमुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। इस विषय पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनी और एक बुक भी लांच हुई। इसके बाद 2016 में उन्हें मप्र में स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर के लिए चुना गया। उन्हें अभिनेता अमिताभ बच्चन के हाथों पुरस्कार भी मिला।