हर साल मर जाती हैं दो लाख महिलाएं: प्रेग्नेंट होना है अभिशाप

दुनिया में मां बनने का अहसास सबसे अनोखा होता है। लेकिन अफ्रीका के पिछड़े इलाकों में यही महिलाओं के लिए अभिशाप बन गया है। आंकड़ों के मुताबिक, हर साल अफ्रीका के पिछड़े देशों, जिनमें इथियोपिया, मलावी, युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो शामिल हैं, में करीब दो लाख महिलाओं की मौत प्रेग्नेंसी या डिलिवरी के दौरान हो जाती है। सोशल डाक्यूमेंट्री फोटोग्राफर पोलो पैट्रनों ने खुद छह महीने का दौरा किया और ये महसूस किया कि जानकारी और फैसिलिटी के अभाव में कैसे वहां की महिलाएं मौत के मुंह में समा रही हैं। वहां, उन्होंने फोटोशूट कर अनसुनी कहानियां सामने लाने की कोशिश की है। नहीं मिलती मेडिकल हेल्प…
– पोलो ने इन गांवों के मैटरनिटी वार्ड्स में जाकर फोटोज खींची। हालांकि, शुरुआत में किसी मेल फोटोग्राफर के इन वार्डों में जाने पर काफी आपत्ति हुई थी लेकिन जब उन्होंने अपने प्रोजेक्ट का मकसद समझाया तो महिलाओं ने इन मोमेंट्स की फोटोज खींचने की इजाजत दे दी। इन तस्वीरों को खींचने के लिए पोलो घंटों तक मैटरनिटी वार्डस में बैठे रहते थे।
जल्द ही खींच ली दुनिया की नजर
पोलो ने इन फोटोज को ‘बर्थ इज अ ड्रीम’ नाम के प्रोजेक्ट में शामिल किया है। जैसे ही इस प्रोजेक्ट की फोटोज सोशल साइट्स पर शेयर हुई, इसने कई इंटरनेशनल NGO का ध्यान खींचा। पोलो के मुताबिक, अभी भी ऐसी कई महिलाओं की अनसुनी कहानियां हैं, जो अफ्रीका के इन गांवों से बाहर नहीं आ पाई हैं। इसलिए वो दोबारा अफ्रीका जाकर उन्हें सामने लाना चाहते हैं।