ओडिशा / 31 उंगलियाें वाली 63 वर्षीय महिला की कहानी; पड़ोसी डायन समझते हैं, तानों के कारण घर छोड़ा

लाइफस्टाइल डेस्क. एक जन्मजात बीमारी ने मुझे जीवनभर के लिए लोगों से अलग कर दिया। लोगों के तानों ने घर छोड़ने पर मजबूर किया। वह मुझे अपने जैसा नहीं समझते। यह कहना है पैरों में 19 और हाथों में 12 उंगलियाें के साथ जन्मी महिला कुमार नायक का। वह कहती हैं कि पड़ोसी मुझे आम इंसान नहीं, डायन समझते हैं। बात करना तो दूर, वे मेरे पास तक नहीं आते।

कुमार नायक की उम्र 63 साल है। उनका जन्म ओडिशा के गंजाम जिले में हुआ। वह जन्म से पॉलीडैक्टली नाम की बीमारी से ग्रस्त हैं। नतीजा, हाथ और पैर में उंगलियाें की संख्या आम इंसान से ज्यादा है। इसे लोग अशुभ मानते थे। उनके तानों ने कुमार को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

नायक कहती हैं कि गरीब परिवार में जन्म लेने के कारण इलाज नहीं हो पाया। आज 63 साल बाद भी लोगों की सोच में कोई बदलाव नहीं आया। उनके और मेरे बीच की दूरी बरकरार है। एक समय के बाद मैं उनकी आलोचनाओं की आदी हो गई और घर से बाहर न निकलने का फैसला लिया। कुछ लोग पास आते भी हैं तो सिर्फ ये देखने के लिए कि कितनी अंगुलियां हैं।

क्या है पॉलीडैक्टली
हाथों और पैरों में सामान्य से ज्यादा उंगलियों का कारण पॉलीडैक्टली बीमारी है। ऐसी स्थिति तब बनती है, जब गर्भ में 7वें या 8वें हफ्ते में भ्रूण में ज्यादा अंगुलियां विकसित हो जाती हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में 700-1000 में से एक ऐसा मामला होता है। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान अल्ट्रासाउंड से इसका पता लगाया जा सकता है। बॉस्टन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के मुताबिक, विकसित देशों में ऐसा मामला सामने आने दो वर्ष की उम्र में उंगलियों को सर्जरी की मदद से हटा दिया जाता है।

भारत में ऐसे कई हैं मामले
गुजरात के देवेंद्र सूथर भी इससे जूझ रहे हैं। उनके हाथ और पैरों में 7-7 उंगलियां  हैं। इसके लिए इनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। देवेंद्र पेशे से कारपेंटर है और दुनिया में एकमात्र इंसान हैं इन्हें मैक्सिमम फिंगर्स मैन भी कहा जाता है। देवेंद्र के परिवार में दूसरे सदस्यों के साथ ऐसा नहीं है। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड से देवेंद्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धी पाई, लेकिन आर्थिक तौर पर कोई मदद नहीं मिली। 

गुजरात के देवेंद्र सूथर

ऐसा ही एक और मामला भारत के ही अक्षत में देखा गया था। जिनके हाथों और पैरों में 7-7 उंगलियांं थी और 2010 में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम भी दर्ज हुआ था। लेकिन बाद में सर्जरी की मदद से इनकी संख्या सामान्य कराई थी। इसलिए वर्तमान में यह रिकॉर्ड देवेंद्र के नाम है। 

पिछले महीने चीन में जन्मजात दाहिने पैर में 9 उंगलियाों के साथ पैदा हुए 21 वर्षीय अजुन की सर्जरी की गई। 4 अतिरिक्त उंगलियों को हटाया गया। अजु़न लोगों से दूर रहते थे क्योंकि वे उन्हें सामान्य नहीं मानते थे। पेरेंट्स उनकी अतिरिक्त उंगलियों को शुभ मानते थे, लेकिन अजुन के दबाव बनाने पर सर्जरी की गई।